सरसों की खली (Mustard Oil Cake): सम्पूर्ण गाइड – फायदे, उपयोग और विज्ञान | Kathait Gold

Kathait Gold Mustard Oil Cake Powder (Doc) 100% Organic Fertilizer For Plants.”
सरसों की खली (Mustard Oil Cake): सम्पूर्ण गाइड – फायदे, उपयोग और विज्ञान | Kathait Gold 3

प्रस्तावना (Introduction)

भारतीय कृषि के इतिहास में, जब रासायनिक खादें (Chemical Fertilizers) मौजूद नहीं थीं, तब हमारी खेती की रीढ़ क्या थी? उत्तर है – जैविक अवशेष, और उनमें सबसे प्रमुख थी सरसों की खली (Mustard Oil Cake)

आज, जब हम रसायनों से भरी मिट्टी और जहरीले भोजन के दुष्प्रभावों को देख रहे हैं, तो समय आ गया है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें। कठैत गोल्ड (Kathait Gold), जो कि अपफ्रंट एंटरप्राइज, देहरादून का एक प्रीमियम ब्रांड है, आपके लिए प्रकृति का वही पुराना खजाना आधुनिक शुद्धता के साथ लाया है।

यह लेख केवल एक उत्पाद परिचय नहीं है; यह एक विस्तृत मार्गदर्शिका (Detailed Guide) है जो घरेलू बागवानों और बड़े किसानों दोनों को इस “प्राकृतिक सुपरफूड” के हर पहलू से अवगत कराएगी। CLICK HERE FOR ARTICLE IN ENGLISH


अध्याय 1: सरसों की खली (DOC) वास्तव में क्या है?

(The Science Behind the Product)

जब सरसों के बीजों को तेल निकालने के लिए क्रश (crush) किया जाता है, तो तेल अलग हो जाता है और बीज का ठोस हिस्सा बच जाता है। इसे तकनीकी भाषा में DOC (De-Oiled Cake) कहा जाता है।

लेकिन हर खली समान नहीं होती। खली की गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि तेल कैसे निकाला गया है:

  1. सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन (Solvent Extraction): बड़ी फैक्ट्रियों में रसायनों (Hexane) का उपयोग करके तेल की आखिरी बूंद तक निकाल ली जाती है। इसमें तेल की मात्रा 1% से भी कम होती है और यह रूखी होती है। इसमें पोषण बहुत कम होता है।
  2. कच्ची घानी / कोल्ड प्रेस्ड (Kathait Gold विधि): हम पारंपरिक विधि का उपयोग करते हैं जहाँ बीजों को धीमी गति से पीसा जाता है। इसमें तापमान नहीं बढ़ता।
    • नतीजा: हमारी खली में 8% से 10% प्राकृतिक अवशिष्ट तेल (Residual Oil) बचा रहता है। यही तेल मिट्टी के लिए अमृत है।
Close-Up View Of Cold-Pressed Mustard Oil Cake Flakes Used As Organic Fertilizer.
सरसों की खली (Mustard Oil Cake): सम्पूर्ण गाइड – फायदे, उपयोग और विज्ञान | Kathait Gold 4

अध्याय 2: पोषक तत्वों का विस्तृत विश्लेषण (Nutritional Breakdown)

कठैत गोल्ड सरसों की खली एक Slow Release Fertilizer (धीरे घुलने वाली खाद) है। यह यूरिया की तरह तुरंत असर दिखाकर खत्म नहीं होती, बल्कि महीनों तक मिट्टी को पोषण देती है।

1. मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (Macronutrients – मुख्य भोजन):

  • नाइट्रोजन (N ~ 4-5%): यह पौधों के “प्रोटीन” जैसा है। यह नई पत्तियां, शाखाएं और गहरा हरा रंग लाता है।
  • फास्फोरस (P ~ 1-2%): यह जड़ों (Roots) का विकास करता है। जितनी गहरी जड़ें, उतना मजबूत पौधा।
  • पोटैशियम (K ~ 1-2%): यह पौधे को बीमारियों से लड़ने की ताकत (Immunity) देता है और फल/फूल की गुणवत्ता सुधारता है।

2. माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (Micronutrients – सूक्ष्म पोषक तत्व): इसमें सल्फर (Sulphur), मैग्नीशियम (Magnesium), मैंगनीज (Manganese) और जिंक (Zinc) भी होते हैं।

  • विशेष: इसमें मौजूद सल्फर फंगस से लड़ने में मदद करता है और तिलहनी फसलों में तेल की मात्रा बढ़ाता है।

अध्याय 3: घरेलू बागवानों के लिए विस्तृत उपयोग विधि

(Detailed Guide for Home Gardeners)

बागवानी में सरसों की खली के उपयोग के 3 स्तर हैं:

स्तर 1: पॉटिंग मिक्स (मिट्टी तैयार करते समय)

नए पौधे लगाते समय मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए।

  • अनुपात: 10 भाग मिट्टी + 1 भाग कठैत गोल्ड पाउडर।
  • फायदा: यह मिट्टी को भुरभुरा (Porous) बनाता है जिससे जड़ों को हवा मिलती है।

स्तर 2: टॉप ड्रेसिंग (गमले में ऊपर से डालना)

  • मात्रा: 10-12 इंच के गमले में 30-40 ग्राम (2 बड़े चम्मच)।
  • विधि: तने से 2 इंच की दूरी पर मिट्टी की गुड़ाई करें, पाउडर डालें और मिट्टी से ढक दें। तुरंत पानी दें।
  • सावधानी: इसे कभी भी तने (Stem) से स्पर्श न करने दें, वरना तना गल सकता है।

स्तर 3: लिक्विड फर्टिलाइजर / मस्टर्ड टी (सबसे शक्तिशाली विधि)

यह विधि “जादुई परिणाम” देती है, खासकर गुलाब, गुड़हल और सब्जियों के लिए।

  1. भिगोना: 100 ग्राम खली पाउडर को 1 लीटर पानी में प्लास्टिक के बर्तन में भिगोएं।
  2. किण्वन (Fermentation): इसे ढककर छाया में रखें।
    • गर्मियों में: 2-3 दिन।
    • सर्दियों में: 5-7 दिन।
  3. मिश्रण: तैयार घोल को अच्छे से मिलाएं। अब इसमें 20 गुना सादा पानी मिलाएं (1 लीटर घोल + 20 लीटर पानी)।
  4. प्रयोग: इस पतले पानी को शाम के समय पौधों की जड़ों में डालें।

अध्याय 4: किसानों के लिए उपयोग और आर्थिक लाभ

(Detailed Guide for Farmers)

किसानों के लिए, कठैत गोल्ड DOC सिर्फ खाद नहीं, बल्कि लागत कम करने का साधन है।

1. यूरिया और DAP की बचत

सरसों की खली का उपयोग करने से आप रासायनिक यूरिया और DAP की मात्रा को 25-30% तक कम कर सकते हैं। यह मिट्टी में कार्बन (Organic Carbon) बढ़ाता है, जो रसायनों के कारण खत्म हो चुका है।

2. फसल अनुसार उपयोग:

  • गेहूं और धान (Wheat/Paddy): खेत की आखिरी जुताई के समय 60-80 किलो प्रति एकड़ की दर से मिट्टी में मिलाएं। इससे कल्ले (Tillers) अधिक फूटते हैं।
  • सब्जियां (आलू, टमाटर, मिर्च): बेड (Bed) बनाते समय मिट्टी में मिलाएं। यह जड़ों को नेमाटोड (Nematodes) से बचाता है।
  • गन्ना (Sugarcane): बुवाई के समय नालियों में डालें। इससे गन्ने की मोटाई और वजन बढ़ता है।
  • बागवानी (आम, अमरूद, लीची): पेड़ की कैनोपी (छांव) के नीचे रिंग बनाकर साल में दो बार (जुलाई और फरवरी) 1 से 2 किलो प्रति पेड़ डालें।

3. प्राकृतिक कीटनाशक (Bio-Fumigation)

सरसों में Glucosinolates नामक तत्व होता है। जब यह मिट्टी में पानी के साथ मिलता है, तो एक गैस छोड़ता है जो मिट्टी के हानिकारक कीड़ों (दीमक, व्हाइट ग्रब, नेमाटोड) को मार देती है या भगा देती है।


अध्याय 5: समस्या निवारण (Troubleshooting) – आपके डर का समाधान

कई लोग सरसों की खली का उपयोग करने से डरते हैं। आइए उन डर को दूर करें:

  • समस्या 1: गमले में सफेद फंगस लग गई है।
    • सच्चाई: बधाई हो! यह एक अच्छा संकेत है। यह फंगस (Saprophytic fungus) खली को तोड़कर खाद बना रही है। यह आपके पौधे को नहीं खाएगी।
    • हल: बस मिट्टी की गुड़ाई (tilling) कर दें, यह मिट्टी में मिल जाएगी।
  • समस्या 2: बहुत गंदी बदबू आ रही है।
    • सच्चाई: लिक्विड खाद बनाते समय अमोनिया रिलीज होती है, जिससे बदबू आती है।
    • हल: बर्तन को ढक्कन से ढककर रखें। उपयोग के समय इसमें थोड़ा सा गुड़ (Jaggery) मिलाने से बदबू कम हो जाती है और फर्मेंटेशन अच्छा होता है।
  • समस्या 3: कीड़े या चींटियाँ आ रही हैं।
    • सच्चाई: खली में तेल होता है जो चींटियों को आकर्षित कर सकता है।
    • हल: खली डालने के बाद उसे हमेशा मिट्टी की 1 इंच परत से ढक दें। खुला न छोड़ें। आप थोड़ी सी हल्दी (Turmeric) भी मिला सकते हैं।

अध्याय 6: कठैत गोल्ड की गुणवत्ता का वादा

बाजार में 20-30 रुपये किलो वाली खली और कठैत गोल्ड में क्या अंतर है?

  1. उत्तराखंड की शुद्धता: हमारी यूनिट देहरादुन की तलहटी में स्थित है, जहाँ हम उच्च गुणवत्ता वाली पहाड़ी और मैदानी सरसों का उपयोग करते हैं।
  2. ताजगी: हम स्टॉक जमा करके नहीं रखते। हम ताजी पेराई करते हैं और सीधा पैक करते हैं, ताकि खली में फंगस न लगे।
  3. बारीक पिसाई: हमारा पाउडर मशीनों द्वारा बेहद बारीक पीसा जाता है, ताकि यह पानी में जल्दी घुले और मिट्टी में आसानी से मिले।

निष्कर्ष (Conclusion)

सरसों की खली (Mustard Oil Cake) कोई नया आविष्कार नहीं है, यह हमारे पूर्वजों का ज्ञान है जिसे हमने भुला दिया था। कठैत गोल्ड उस ज्ञान को आधुनिक सुविधा के साथ आपके पास वापस ला रहा है।

चाहे आप अपनी बालकनी में एक हरा-भरा कोना बनाना चाहते हों, या अपने खेतों में रिकॉर्ड तोड़ पैदावार चाहते हों—कठैत गोल्ड मस्टर्ड ऑयल केक पाउडर आपकी मिट्टी का सबसे वफादार साथी साबित होगा।

मिट्टी को जहर नहीं, पोषण दें। आज ही अपनाएं कठैत गोल्ड!


संपर्क सूत्र (Contact Us)

निर्माता: Upfront Enterprise फैक्ट्री पता: श्री कृष्ण विहार, गुजरोंवाला नथुवाला, देहरादून, उत्तराखंड – 248008 ऑफिस पता: 58, जागृति विहार, रिंग रोड, नथनपुर, देहरादून, उत्तराखंड – 248014 वेबसाइट: www.kathaitgold.com

क्या सरसों की खली का उपयोग इनडोर पौधों (Indoor Plants) के लिए सुरक्षित है?

हाँ, लेकिन इसे कम मात्रा में उपयोग करें और पाउडर को मिट्टी के नीचे दबा दें ताकि गंध न आए। लिक्विड फर्टिलाइजर का उपयोग केवल आउटडोर पौधों के लिए करें।” }

सरसों की खली की खाद कितने दिन में तैयार होती है?

लिक्विड खाद (Liquid Fertilizer) गर्मियों में 3-4 दिन और सर्दियों में 6-7 दिन में किण्वित (ferment) होकर तैयार हो जाती है।

कठैत गोल्ड सरसों की खली अन्य ब्रांडों से बेहतर क्यों है?

कठैत गोल्ड की खली ‘कोल्ड-प्रेस्ड’ (कच्ची घानी) विधि से बनाई जाती है, जिससे इसमें प्राकृतिक तेल और एंजाइम सुरक्षित रहते हैं, जो पौधों के लिए अधिक फायदेमंद हैं।”